Pumsavana


पुंसवन संस्कार
गर्भ धारण करने के बाद गर्भ की रक्षा के लिये विष्णु की पूजा की जाती है. यह पूजा श्रवण, रोहणी, पुष्य़ नक्षत्र में से किसी एक में की जा सकती है. नक्षत्र के अतिरिक्त शुभ दिन अर्थात गुरुवार, सोमवार, शुक्रवार आदि का प्रयोग करना शुभ रहता है. मुख्य रुप से यह पूजा गर्भाधान के दिन से लेकर आठवें मास के मध्य की अवधि में करना शुभ रहता है. इसके लिये स्थिर व शुभ लग्न का चुनाव किया जाता है. संस्कार के समय लग्न से आठवें घर पर कोई पाप प्रभाव न होना इस पूजा के शुभ प्रभाव को बढ़ाता है.

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