Kaal Sarp Dosh Shanti

किसी भी तरह का कालसर्प योग जो राहु से आरम्भ हो रहा हो त वह बहुत अधिक कष्टकारी होता है, किन्तु केतु से लेकर राहु तक बनने वाला कालसर्प योग ज्यादा कष्टकारी नहीं होता। यह बात सदैव ध्यान रखें कि कालयर्प येाग सन्तान के लिए मुख्य रूप से तभी बाधा पैदा करता है जब पंचमस्थ राहु से बनता है। जन्मकुण्डली में जब सभी ग्रह राहु-केतु के मध्य कैद हो जाते है तब पूर्ण कालसर्प योग बनता है।

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